
(PTI) नई दिल्ली, ता। 21
कृषि विधेयक का विरोध करते हुए राज्यसभा में हंगामा हुआ। इसमें, सभापति वैंकेया नायडू ने संसद के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में आठ सांसदों को एक सत्र के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने पूरे सत्र के लिए आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया था। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, कांग्रेस के राजीव सातव, सैयद नासिर हुसैन, रिपुन बोरा और सीपीएम के केके रागेशी के साथ-साथ आठ विपक्षी सांसद - संसद में कदाचार के सभी आरोपी।
इस मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई थी। निलंबित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में धरना दिया और बैनर के नीचे विरोध किया कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने चादर और तकियों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सभापति वैंकेया नायडू ने सांसदों को उनके व्यवहार के लिए फटकारा। नायडू ने उप-राष्ट्रपति हरिवंश के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने पहले उपराष्ट्रपति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।
सांसदों के निलंबन के मुद्दे ने सदन में भारी तनाव का माहौल पैदा कर दिया था। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न नियमों और विनियमों का हवाला देते हुए कानूनविद् का विरोध किया। गरमागरम बहस के बीच सभापति वैंकेया नायडू ने राज्यसभा को एक दिन के लिए स्थगित करने के फैसले की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि निलंबित सांसदों ने सदन नहीं छोड़ा। ऐसा करके इन सांसदों ने लोकतंत्र के नियमों को तोड़ा है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन सांसदों ने मार्शल के साथ दुर्व्यवहार करके सदन की गौरवशाली विरासत को तोड़ा था, उन्होंने फिर से स्पीकर के आदेश की अवहेलना करके लोकतंत्र के नियमों को तोड़ा था।
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