नई दिल्ली, 13 सितंबर 2020 रविवार
हजारों लोगों ने विरोध करने के लिए पाकिस्तान के कराची की सड़कों पर रैली की। कराची में शिया समुदाय से संबंधित लोगों को धर्म में विश्वास नहीं दिखाने के लिए चिह्नित किया जा रहा है। लोग 'शिया काफिर है' का जाप कर रहे हैं। इस तरह के नारों ने देश में आतंकवादी समूहों पर नकेल कसने के पाकिस्तान के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रैली में आतंकवादी संगठन सिपाह-ए-सहाबा पाकिस्तान (एसएसपी) के नेतृत्व में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। रैली का आयोजन एम.ए. जिन्ना के रास्ते में व्यापक दिन में, एसएसपी पाकिस्तान में शिया अल्पसंख्यकों के वध में शामिल रहा है। रैली के दौरान 'शिया काफ़िर है' के नारे लगाए जा रहे थे, जिनमें मौजूद लोग आतंकवादी संगठन सिपाह-ए-सहाबा पाकिस्तान के बैनर लहरा रहे थे।
इसके साथ ही देश में दंगों की आशंका है। पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची में, एक आतंकवादी संगठन के बैनर तले, आम जनता एक विशेष वर्ग के खिलाफ इतनी बड़ी रैली को देखकर चकित रह गई है। इतना ही नहीं जिन लोगों ने रैलियों में शिया विरोधी नारे लगाए, वे प्रशासन या अधिकारियों की अनदेखी करते हैं, जो सभी इमरान खान के नेतृत्व के देश में आतंकवादी संगठनों को खत्म करने के इरादे पर सवाल उठाते हैं।
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