
मॉस्को, ता। 3. शनिवार, अक्टूबर 2020
आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच भीषण युद्ध हुए 6 दिन हो चुके हैं। इस बीच, रूस ने एक बार फिर चेतावनी जारी की है।
इस युद्ध में तुर्की ने अजरबैजान के साथ खुलकर साझेदारी की है। तुर्की ने यहां तक कि सीरियाई आतंकवादियों को भी अजरबैजान के युद्ध के मैदान में भेजा है। पाकिस्तान ने भी अर्मेनिया से लड़ने के लिए अपने सैनिक भेजे हैं। युद्ध में अब तक दोनों पक्षों के 2700 सैनिक मारे जा चुके हैं लेकिन न तो देश पीछे हटने को तैयार है।
इस बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध में तुर्की के खुले हस्तक्षेप और आतंकवादियों को लड़ने के लिए भेजने से नाराज हैं। पुतिन ने शुक्रवार को अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोलस पशिनियन के साथ बात की।
यह दोनों नेताओं ने छह दिनों में तीसरी बार बात की है। तुर्की के बयानों से रूसी राष्ट्रपति गहराई से नाराज हैं। हालाँकि, रूस अभी भी इस युद्ध में आर्मेनिया का खुलकर समर्थन करने से हिचक रहा है। अगर रूस इस युद्ध में शामिल हो जाता है, तो युद्ध का पैमाना बढ़ जाएगा।
रूस और अर्मेनिया के बीच हुई संधि के अनुसार, यदि अजरबैजान अर्मेनिया पर आक्रमण करता, तो रूस युद्ध में जा सकता था।
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