(PTI) नई दिल्ली तारीख। 6
7 देशों में किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 4% महिलाएं ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार हैं। ब्रिटेन स्थित मानवीय संगठन प्लान इंटरनेशनल ने विश्व की लड़कियों की रिपोर्ट नामक एक सर्वेक्षण किया। यह सर्वेक्षण भारत, ब्राजील, नाइजीरिया, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, थाईलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 9 देशों की 18 से 5 वर्ष की 15,000 महिलाओं द्वारा किया गया था।
11 अक्टूबर को इंटरनेशनल डे ऑफ गर्ल चाइल्ड, 2020 से पहले जारी किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि 9 प्रतिशत महिलाओं ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप और टिक्टॉक जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर यौन उत्पीड़न करने की बात स्वीकार की।
रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में 6 फीसदी महिलाएं, लैटिन अमेरिका में 20 फीसदी, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 4 फीसदी, अफ्रीका में 4 फीसदी और उत्तरी अमेरिका में 4 फीसदी महिलाओं को ऑनलाइन प्रताड़ित किए जाने की बात स्वीकार की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर महिलाओं को यौन हिंसा की धमकी दी गई है। महिलाओं के खिलाफ भी नस्लीय टिप्पणी की जाती है। जिन महिलाओं को ऑनलाइन प्रताड़ित किया गया, उनमें से 3% को शारीरिक और यौन हिंसा की धमकी दी गई और 5% को अपमानजनक भाषा का शिकार बनाया गया।
अल्पसंख्यक और समलैंगिक समुदायों की महिलाओं ने कहा कि उनकी पहचान की वजह से उन्हें परेशान किया गया। सर्वेक्षण के अनुसार, जो 1 अप्रैल और 3 मई के बीच आयोजित किया गया था, 5 प्रतिशत महिलाएं जिन्होंने खुद को समलैंगिकों के रूप में पहचाना और 15 प्रतिशत महिलाएं जिन्होंने खुद को विकलांग के रूप में पहचाना उन्होंने कहा कि उनकी पहचान की वजह से उन्हें परेशान किया गया था।
जो महिलाएं ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार होती हैं, वे सोशल मीडिया के बाहर भी दुनिया में इसके प्रभाव का सामना करती हैं। 9% महिलाएं मानसिक तनाव से पीड़ित हैं।
पांच में से एक महिला, या 15 प्रतिशत, ने ऑनलाइन उत्पीड़न के बाद सोशल मीडिया का उपयोग कम कर दिया है।
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