पेरिस, 27 अक्टूबर 2020, मंगलवार
तुर्की और पाकिस्तान के बाद अब ईरान भी फ्रांस के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन के इस कथन को लेकर इस्लामिक देशों में नाराजगी है कि फ्रांस में शिक्षक की हत्या इस्लामिक कट्टरवाद है।
ईरान की संसद का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान फ्रांसीसी सरकार के रुख पर सवाल उठाता है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इस्लाम में बढ़ते सार्वजनिक हित को ताने देना चाहते हैं। मुस्लिम देश इस्लाम के अपमान का विरोध करेंगे।
ईरान ने फ्रांस में अपने राजदूत को वापस बुलाने का विरोध किया है। पाकिस्तानी संसद में भी मांग की गई है कि फ्रांस में पाकिस्तान के राजदूत को वापस बुलाया जाए।
इससे पहले, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने फ्रांस के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। जिस तरह के विचार व्यक्त किए गए उन्हें देखकर लगता है कि उन्हें मनोरोग उपचार की आवश्यकता है।
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