
वाशिंगटन, ता। 22
एफबीआई के एक अधिकारी ने आशंका व्यक्त की कि रूस और ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप कर सकते हैं। शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि दोनों देशों में मतदाता खुफिया एजेंसियों को लीक कर दिया गया था।
यूएस फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के एक वरिष्ठ अधिकारी जॉन रेडक्लिफ ने एक बयान में दावा किया कि ईरानी और रूसी खुफिया एजेंसियों के पास अमेरिकी मतदाता डेटा उपलब्ध था और वह मतदाताओं से वोट से पहले संपर्क कर सकते थे।
अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां गलत सूचना देकर मतदाताओं को गुमराह करने के लिए ईमेल कर सकती हैं। हालांकि, अधिकारी ने कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने यह भी नहीं कहा कि अमेरिकी मतदाताओं को विदेशी खुफिया जानकारी कैसे मिली।
एफबीआई के एक अधिकारी का दावा है कि अज्ञात स्रोत से संयुक्त राज्य में पंजीकृत मतदाताओं को मेल भेजा जा सकता है। विदेशी खुफिया एजेंसियां संयुक्त राज्य में अराजकता फैलाने और लोकतंत्र में लोगों के विश्वास को हिलाने की कोशिश कर रही हैं।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यदि अमेरिकी देशों की खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी मतदाताओं के साथ ऐसा किया तो अमेरिकी कार्रवाई करेंगे।
एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रेन के बयान ने अमेरिकी मतदाताओं से अपील की कि मतदाताओं का वोट बहुत महत्वपूर्ण है। मतदाताओं को चुनाव में बाहरी प्रभावों से बचना चाहिए और सुरक्षित तरीके से मतदान करना चाहिए।
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