
वाशिंगटन, ता। 10. शनिवार, अक्टूबर 2020
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने कहा है कि सैन्य तनाव को भड़काकर भारत के साथ सीमा बदलने की चीन की कोशिश उसकी क्षेत्रीयतावादी मानसिकता और आक्रामकता का प्रमाण है।
ब्रायन के अनुसार, वार्ता और संधि चीन के आक्रामक रुख को बदलने वाली नहीं है, और इसे स्वीकार करना होगा। नौसेना और वायु सेना ताकत दिखा रहे हैं।
चीन पिछले पांच महीनों से भारत के साथ लॉगरहेड्स में है। चीन ने भारत को हजारों अतिरिक्त सैनिकों को लद्दाख सीमा पर भेजने के लिए मजबूर किया है।
ब्रायन ने कहा, "अन्य देशों में चीन की कई योजनाएं अनावश्यक हैं और हाथी के समान हैं।" इनमें से कई देश अब चीन के कर्ज में डूबे हुए हैं, लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है। चीन भी विश्व शासकों के साथ व्यापार करता है जो लोगों की आवाज़ को दबाना
अब हमें यह स्वीकार करना होगा कि कम्युनिस्ट चीन बातचीत या समझौता करने के लिए सहमत नहीं होगा। विनम्र होने का कोई मतलब नहीं है। हम बहुत लंबे समय से ऐसा कर रहे हैं। अमेरिका को चीन के साथ खड़ा होना होगा और अमेरिका के हितों की रक्षा करनी होगी।
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