
इज़मिर, ता। 3 नवंबर, 2020 को मंगलवार
तुर्की के इज़मिर शहर में एक विनाशकारी भूकंप के बचे लोगों तक पहुंचने की उम्मीद के रूप में बचाव कर्मियों द्वारा एक ढह गई इमारत के मलबे से चार दिन बाद एक तीन वर्षीय लड़की को बचाया गया।
तालियों की गड़गड़ाहट और 'अल्लाहो अकबर' के नारों के बीच थर्मल कंबल में लिपटी तीन साल की बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। स्वास्थ्य विभाग के फेहरुद्दीन कोका ने लड़की की पहचान तीन वर्षीय औदा गाज़िन के रूप में की और एम्बुलेंस में उसकी एक तस्वीर साझा की।
लड़की शुक्रवार की भूकंप में ढह गई इमारत के मलबे में 91 घंटे तक रही। इस तरह के विनाशकारी भूकंप से बचने के लिए लड़की 107 वें व्यक्ति बन गई। हालांकि मरने वालों की संख्या 107 तक पहुंच गई। दुर्भाग्यवश औडा की मां जीवित नहीं रह सकी और घंटों की मशक्कत के बाद उसका शव मिला।
औडा के पिता और भाई भूकंप से बच गए क्योंकि भूकंप के समय बचावकर्मी घर पर नहीं थे। बच्चे को वहां से निकलने वाले मलबे से एक डिशवॉशर पूरी तरह से सटे हुए स्थान पर मिला।
"मैं बहुत परेशानी में था और मेरा साथी अहमद रो रहा था," नुसरत ने कहा। मानवतावादी राहत फाउंडेशन के इब्राहिम टोपाल ने अपने सहयोगियों को देखा और पूछा, "क्या आपने कुछ सुना?" हमें फिर से रोने की आवाज सुनाई दी जो बेहद नरम आवाज में कुछ नहीं कह रही थी। अंत में टीम ने बहुत सावधानी से उसे मलबे से बाहर निकाला।
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