
वाशिंगटन, ता। 9
राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की हार के बाद, उनके समर्थक बंदूक की नोक पर सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर ट्रम्प-बिडेन समर्थकों के बीच संघर्ष देखा गया था। कई राज्यों में, ट्रम्प समर्थकों ने जोर शोर से सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। कानून व्यवस्था बनाए रखना भी पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने बिडेन द्वारा भूस्खलन से जीतने के बावजूद हार नहीं मानी। उन्होंने कई स्थानों पर वोटों की पुनरावृत्ति करते हुए कई राज्यों के पुनर्विचार को अदालत में चुनौती दी। इस सब के बीच, उनके समर्थकों ने आक्रामक तरीके से प्रदर्शन शुरू कर दिया। हजारों लोग रैली में शामिल हुए और नारे लगाते हुए चुनाव को बाधित करने का आह्वान किया। ट्रम्प समर्थकों ने एरिजोना में दंगा किया। तब स्थानीय पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मिलवॉकी मतदान केंद्र को ज़ोर से बंद कर दिया।
ट्रम्प समर्थकों ने वाशिंगटन में कार और बाइक रैली आयोजित की। उसके मामले के प्रस्तावक इस कथन की वास्तविक प्रतिलिपि ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं। बड़े और छोटे वाशिंगटन के बाजार इस वजह से बंद हो गए। रैली ने पूरे शहर को प्रभावित किया।
दूसरी ओर, बिडेन के समर्थक भी निर्वाचित राष्ट्रपति के समर्थन में सामने आए। इससे कई राज्यों में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच हिंसा की आशंका थी। ट्रम्प और बिडेन के समर्थक आपस में भिड़ गए, जिससे कई अमेरिकी राज्यों में भारी आग लगी। चोरी रोकने वाली संस्था स्टील ने पुलिस को चुनौती देने के लिए कई प्रदर्शन किए। ट्रम्प समर्थक समूह ने सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया। फेसबुक ने तब स्टॉप द स्टील नामक 3.5 मिलियन सदस्यों के समूह पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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