श्रीनगर, गुरुवार 26 नवंबर 2020
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में गिलगित-बाल्टिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तान की इमरान सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। विरोधियों ने आरोप लगाया कि इमरान सरकार ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में धांधली की।
प्रदर्शनकारियों ने अपने गुस्से और हताशा को दिखाने के लिए टायर जलाए और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। वास्तव में, हाल के चुनावों में, इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने गिलगित-बाल्टिस्तान की 23 विधानसभा सीटों में से अधिकांश जीती हैं और सरकार बनाने की तैयारी कर रही है।
विपक्षी समूहों ने चुनाव को "धोखाधड़ी" कहा और सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अपनी आपत्ति जताई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर गिलगित-बाल्टिस्तान को इमरान सरकार द्वारा क्षेत्र में अवैध चुनावों का हिस्सा बताया है।
पाकिस्तान के विपक्षी दलों द्वारा किए गए विरोध के बाद सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे न्याय पाने तक पीछे नहीं हटेंगे। इन क्षेत्रों में चुनाव हमेशा पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, जो भारत के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है, हालांकि इस बार यह निराशाजनक है।
रविवार को सभी 23 निर्वाचन क्षेत्रों के पूर्ण लेकिन अनौपचारिक परिणामों ने संकेत दिया कि पीटीआई 10 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही थी। इसके बाद सात निर्दलीय उम्मीदवार जीतते नजर आए। तो, डॉन अखबार ने बताया कि पीपीपी ने तीन सीटें जीती हैं। पीएमएल-एन ने दो सीटें जीती हैं और मजलिस-ए-वहदतुल मुस्लिमीन ने एक सीट जीती है। वह पीटीआई के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।
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