- पहले अमेरिका पर और अब भारत पर
शंघाई, टा। 28 नवंबर 2020, शनिवार
चीन के वुहान से फैलने वाला कोरोना वायरस दुनिया भर में छा गया है। दुनिया भर में चीन से आलोचना अब दूसरों पर दोष डालना शुरू कर दिया है। चीन ने पहले अमेरिकी सेना पर अपने देश को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था, अब भारत पर आरोप लगाया कि वह कोरोना वायरस को भारत से दुनिया के बाकी हिस्सों में फैला रहा है।
कुछ चीनी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस पहले भारत के कुछ हिस्सों से फैला था। सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज के वैज्ञानिकों ने एक शोध पत्र में कहा कि वायरस को कोरोना के पहले मामले के बारे में दिसंबर 2019 में रिपोर्ट करने से पहले ही भारत में मौजूद था। हालांकि, वायरस ट्रांसमिशन का यह सिद्धांत विवादास्पद है। चीनी वैज्ञानिकों ने अभी तक इस सिद्धांत पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
चीन कोरोना वायरस के दोष को दूसरों पर स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले, कुछ चीनी अधिकारियों ने कहा कि कोरोना संयुक्त राज्य अमेरिका से वुहान आया था। हालांकि, दुनिया भर के विशेषज्ञों और नेताओं ने चीन पर शुरू में कोरो महामारी को कवर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
शंघाई इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज के वैज्ञानिक ने एक विचित्र दावा किया कि कोरोना भारत या बांग्लादेश से फैला है। चीनी वैज्ञानिकों का एक शोध पत्र द लांसेट मेडिकल जर्नल के प्री-प्रिंट प्लेटफॉर्म SSRN.COM पर प्रकाशित हुआ है।
चीनी वैज्ञानिकों ने 17 देशों से कोरोना वायरस के उपभेदों पर शोध करने के बाद इस पत्र को प्रकाशित किया है। अनुसंधान का नेतृत्व डॉ। शेन लिबिंग ने किया है। यह दावा किया जाता है कि भारत की युवा आबादी बहुत खराब मौसम और सूखे की वजह से पैदा हुई है, जिससे वायरस मनुष्यों तक पहुंच गए हैं।
भारत सरकार के साथ काम करने वाले वैज्ञानिक मुकेश ठाकुर ने चीनी वैज्ञानिकों द्वारा जारी शोध पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि शोध पत्र के परिणाम गलत थे।
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