
इस्लामाबाद, ता। मंगलवार, 15 दिसंबर, 2020
पाकिस्तान में सब्जियों की कीमतों में असाधारण वृद्धि के कारण नागरिक "त्राहिमाम" चिल्ला रहे हैं। इसके बावजूद, प्रधान मंत्री इमरान खान चीनी कीमतों में कमी का दावा करके खुद को पीठ पर थपथपाने के लिए तैयार हैं।
इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से एक वीडियो ट्वीट कर कहा कि एक किलो अदरक की कीमत रु। 1,000। शिमला मिर्च की कीमत रु। 200 तक पहुंचा गया है।
एक महीने पहले ही पाकिस्तान में गेहूं के आटे की कीमतें आसमान छू रही हैं। अभी दो दिन पहले, इमरान खान ने एक ट्वीट में दावा किया कि उनके शासन में देश में चीनी की कीमत अब रु। 81 किया जाता है।
उन्होंने खुद की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनकी सरकार की नीतियों की वजह से रु। 102 रुपये बिकने वाली चीनी की कीमत घटकर रु। 81 किया जाता है। उन्होंने कीमतें कम करने के लिए अपनी नई टीम की भी प्रशंसा की।
हालांकि, वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान वर्तमान में खाद्यान्न की भारी कमी का सामना कर रहा है। पाकिस्तान पूरी दुनिया में प्याज निर्यात करता था। अब उसे कीमतों को कम करने के लिए अपने देश में प्याज आयात करना होगा।
इमरान खान आटा और चीनी की कीमतों को नीचे लाने के लिए लगातार कैबिनेट और अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। पाकिस्तान में गेहूं की कीमतें इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। यह अब तक के इतिहास में सबसे अधिक 40 रुपये प्रति किलोग्राम है। 2,400 रुपये की कीमत पर यानी रु। 60 के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
पाकिस्तानी सरकार देश में मुद्रास्फीति को रोकने और खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के अपने प्रयासों में विफल रही है। पिछले साल दिसंबर में देश में गेहूं की सबसे खराब कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस साल अक्टूबर में यह रिकॉर्ड टूटकर 2,000 रुपये प्रति 40 किलोग्राम पर आ गया था। 2,400 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
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