
लाहौर, ता। 25 दिसंबर 2020, शुक्रवार
मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के अध्यक्ष हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी अदालत ने एक अन्य मामले में 15 साल जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने हाफिज सईद पर दो लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया। लगोर की एक आतंकवाद-निरोधी अदालत ने हाफिज सईद सहित पांच नेताओं को दोषी ठहराया है। हाफिज सईद को पहले ही चार आतंकी फंडिंग मामलों में कुल 21 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। यह सजा मिलने के बाद हाफिज सईद को अब कोट लखपति जेल में 36 साल की सजा काटनी होगी। ये सभी वाक्य समानांतर रूप से चलेंगे। पाकिस्तान सरकार ने हाफिज सईद को जेल में वाईपी प्रोटोकॉल दिया है।
हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित टंकी है। जिस पर मारिका ने एक मिलियन डॉलर के पुरस्कार की भी घोषणा की। हाफिज सईद को पिछले जुलाई में एक आतंकी फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें फरवरी में दो आतंकी फंडिंग मामलों में 11 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। टोल को नवंबर में अन्य दो मामलों में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। सईद के साथ गुरुवार को दोषी ठहराए गए चार नेताओं में अब्दुस सलेम, जफर इकबाल, याहया मुजाहिद और मोहम्मद अशरफ शामिल हैं। इन सभी को सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने हाफिज सईद के बहनोई अब्दुल रहमान मक्की को भी छह महीने की सजा सुनाई। सजा सुनाने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच हाफिज साई और उसके साथियों को अदालत में लाया गया। विभिन्न पाकिस्तानी अदालतों में जेयूडी नेताओं के खिलाफ कुल 41 मामले हैं। जिसमें से 28 मामलों का फैसला हो चुका है। हाफिज सईद के नेतृत्व वाली जेयूडी सेना, तोइबा का एक संगठन है। मुंबई में एक ही संगठन द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में कुल 166 लोग मारे गए थे।
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