
(PTI) संयुक्त राष्ट्र, ता। गुरुवार, 10 दिसंबर, 2020
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर, संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध एजेंसी ने शरणार्थियों पर एक रिपोर्ट जारी की। दुनिया के अस्सी लाख लोग बेघर भटक रहे हैं। कोरोना से पहले, साढ़े सात लाख लोग खानाबदोश जीवन जीते थे। महामारी ने स्थिति को बदतर बना दिया है।
संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के लिए शरणार्थियों (UNHCR) के अनुसार, दुनिया भर में 80 मिलियन लोगों को भटकने के लिए मजबूर किया गया है। महामारी, युद्ध, गृह युद्ध या सांप्रदायिक संघर्ष हर साल कई लोगों को बेघर कर देते हैं।
कोरोना महामारी ने लाखों लोगों के जीवन को दयनीय बना दिया है। कोरोना ने शरणार्थियों की संख्या में वृद्धि का कारण बना। एजेंसी के अनुसार, कोरोना पहले शरणार्थी शिविरों में रहता था, दुनिया में 7.5 मिलियन से अधिक लोग भटकते थे।
2020 के मध्य तक यह आंकड़ा बढ़कर 80 मिलियन हो गया। सीरिया, कांगो, मोजाम्बिक, सोमालिया और यमन में अराजकता शरणार्थियों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हुई। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने चिंता व्यक्त की कि दुनिया की एक प्रतिशत आबादी शरणार्थी शिविरों या भटक रही है।
यह 21 वीं सदी की दुनिया के लिए एक चिंता का विषय है। आंकड़ों के मुताबिक, शरणार्थी शिविरों में रहने वाले लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग 18 साल से कम उम्र के हैं। U.N ने उनके अंधकारमय भविष्य के बारे में चिंता व्यक्त की। 5.57 करोड़ दुर्भाग्यशाली लोग हैं जो अपने देश में घर के बिना रहने के लिए मजबूर हो गए हैं।
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