
(PTI) पेशावर, 30 दिसंबर 2020, बुधवार
पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। हिंदू मंदिरों और मठों को लंबे समय से निशाना बनाया जाता रहा है। बुधवार को, खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के टेरी नामक एक गाँव में एक और हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। पुलिस ने इस घटना पर ध्यान दिया लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, पुराने मंदिर पर मरम्मत का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों को मंदिर का विकास पसंद नहीं आया, इसलिए यह कदम उठाए जाने की संभावना है। घटना का एक वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप रहने के लिए भारत सरकार की आलोचना की।
पाकिस्तानी पत्रकार मुबाशिर जैदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि मंदिर को स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अनुमति के बावजूद बनने से रोकने के लिए बर्बरता की थी। वीडियो में, बड़ी संख्या में लोग मंदिर को तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय अल्पसंख्यक नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में 3 लाख हिंदू हैं, जबकि अन्य अनुमानों के अनुसार, 3 मिलियन हिंदू हैं। वह वहां का अल्पसंख्यक है। भारत सहित दुनिया को सलाह देने वाली इमरान की सरकार की अल्पसंख्यकों पर इस तरह के लगातार हमलों के लिए दुनिया भर में आलोचना हुई है।
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