काठमांडू, ता। 08 दिसंबर 2020, मंगलवार
नेपाल और चीन ने मंगलवार को संयुक्त रूप से घोषणा की कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की संशोधित ऊंचाई 8848.86 मीटर है, जो 1954 में भारत द्वारा मापी गई ऊंचाई से 86 सेंटीमीटर अधिक है।
नेपाली सरकार ने 2015 के भूकंप और अन्य कारणों से चोटी की ऊंचाई बदलने की अटकलों के कारण एवरेस्ट की सटीक ऊंचाई को मापने का फैसला किया था।
चीनी समाचार एजेंसी के एक सार्वजनिक बयान के अनुसार, चीन और नेपाल ने मंगलवार को घोषणा की कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848.86 मीटर है।
नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने काठमांडू में कहा, "नेपाल ने माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848.86 मीटर पर फिर से मापी है।" एवरेस्ट को पहली बार 1954 में भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा 8848 मीटर पर मापा गया था, जो कि नई ऊंचाई से 86 सेमी कम था।
पहले चीन द्वारा मापी गई माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8844.43 थी जो नेपाल की गणना से चार मीटर कम थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी सर्वेक्षकों ने माउंट एवरेस्ट पर वैज्ञानिक शोध किया और इसकी ऊंचाई 1975 में 8848.13 मीटर और 2005 में 8844.43 मीटर बताई गई।
नेपाल ने तीन साल पहले दिसंबर 2017 में संयुक्त रूप से माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने के भारत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। यह अपने आप में काम करेगा।
8848.86 मीटर माउंट एवरेस्ट की नव-मापा ऊंचाई है, नेपाल के विदेश मंत्री ने घोषणा की। pic.twitter.com/Fnxh1liY98
- ANI (@ANI) 8 दिसंबर, 2020
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