
(PTI) बीजिंग, ता। 24 दिसंबर, 2020 को गुरुवार है
चीन सरकार ने एकाधिकार विरोधी कानून के तहत अलीबाबा के खिलाफ जांच शुरू की है। अलीबाबा चीनी कंपनी टेनसेंट होल्डिंग का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। उनका काम ऑनलाइन बेचना है और जैक मा उनके मालिक हैं। बिक्री की मात्रा के मामले में अलीबाबा दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है।
चीनी सरकार अब इससे डर गई है, इसलिए इसने जांच के नाम पर मलबे डालना शुरू कर दिया है। एक ओर, चीन आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। उस समय कंपनी दिन और रात बढ़ रही है। इतना ही नहीं, वह अब बैंकिंग क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। चीनी सरकार को निजी कंपनी का प्रभाव पसंद नहीं है।
यही कारण है कि चीन पुराने विवरणों का हवाला देते हुए एकाधिकार अधिनियम के तहत कंपनी की जांच कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जांच चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के आदेश से की जा रही है। सरकार के बयान में कहा गया है कि अगर कंपनी बढ़ती ही रही, तो भविष्य में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा समाप्त हो जाएगी।
Google और Facebook-Amazon-Apple के असाधारण एकाधिकार से अमेरिका और यूरोपीय देश त्रस्त हैं। इसलिए अब टेक दिग्गजों के खिलाफ जांच चल रही है। चीन ने बहुत देर होने से पहले ही एक जांच शुरू कर दी और कंपनी को अपने नियंत्रण में ले लिया।
चीन के पास कम्युनिस्ट शासन है। बोलने की आजादी जैसी कोई चीज नहीं है। इसके खिलाफ, जैक मा ने अक्सर ऐसे बयान दिए हैं जो सरकार के अनुकूल नहीं हैं। सरकार को अलीबाबा के खिलाफ कुछ शिकायतें भी मिली हैं, इसलिए अब एक जांच शुरू की गई है। फैसले के बाद कंपनी के शेयर गिर गए।
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