
काठमांडू, ता। मंगलवार, 22 दिसंबर, 2020
नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी, नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (NCP), दो में विभाजित हो गई है। नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री के। पी संसद को भंग करने की शर्मा ओली की सिफारिश को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया और नेपाल में संकट है।
नेपाल में, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल के वर्तमान नेता के। पी शर्मा ओली और पुष्पा कमल दहल प्रचंड दोनों के समर्थक अलग हो गए हैं। के.पी. शर्मा ने 1199 सदस्यों की एक अलग समिति बनाई है। जबकि प्रचंड भी पार्टी में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
ओली की उपस्थिति में गठित नई समिति के सदस्यों ने भी शपथ ली। ओली का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय समिति में बहुमत हासिल करना है ताकि वह फिर से प्रधानमंत्री बन सकें और अपने विरोधियों को खारिज कर सकें। केंद्रीय समिति में वर्तमान में 556 सदस्यों के अलावा 446 सदस्य हैं।
ओली ने यह भी कहा कि अगर कुछ नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो इससे पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर प्रचंड का समूह भी सक्रिय हो गया है और दूसरों का समर्थन करने के लिए उन्हें साथ लाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए, नेपाल में वर्तमान सत्तारूढ़ पार्टी विभाजित है।
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