
(पीटीआई) वाशिंगटन, ता। 7
जेनिफर डूडना, एक महिला वैज्ञानिक जिन्होंने 2020 में नोबेल पुरस्कार जीता, ने एक और महत्वपूर्ण शोध किया है। सेल जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जल्द ही कोरोना को स्मार्टफोन का उपयोग करके परीक्षण किया जा सकता है। रिजल्ट सिर्फ 30 मिनट में आएगा।
जेनिफर, एक वैज्ञानिक जिन्होंने रसायन विज्ञान में 2020 का नोबेल पुरस्कार जीता, और उनकी टीम ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसका उपयोग मोबाइल के आधार पर कोरोना परिणाम प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। यह जानकारी डीएनए और आरएनए को स्कैन करने की विधि से प्राप्त की जाएगी। शोधकर्ताओं के अनुसार, कैमरे की स्कैनिंग स्मार्टफोन की कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से की जाएगी और इसके आधार पर न केवल सकारात्मक और नकारात्मक, बल्कि वायरस की केंद्र तीव्रता को भी जाना जा सकता है।
नई विधि यह निर्धारित करने के लिए सीधे आरएनए पर निर्भर करेगी कि शरीर में वायरस मौजूद है या नहीं। CRISPR का मतलब है कि एक स्मार्टफोन डीएनए के कुछ हिस्सों को स्कैन करके शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगा सकता है।
अमेरिका में ग्लेंडस्टोन इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने नोबेल पुरस्कार विजेता जेनिफर डोवदना के मार्गदर्शन में इस तकनीक को विकसित किया है। उन्होंने कहा कि तकनीक बहुत प्रभावी होगी जहां सीमित संख्या में परीक्षण किए जा रहे हैं। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि तकनीक ऐप-आधारित होगी या नहीं।
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