
- इसे फ्लोटिंग ट्रेन भी कहा जाता है
बीजिंग / नई दिल्ली मंगलवार, 19 जनवरी, 2021 को
यह बताया गया था कि चीन ने एक मेगसपेड मैग्लेव ट्रेन का निर्माण किया था जो बुलेट ट्रेनों की भी सांस ले सकती थी। यह ट्रेन एक घंटे में 620 (छह सौ और बीस) किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है या 620 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
इसे सुपर डुपर गति को देखते हुए एक फ्लोटिंग ट्रेन भी कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ट्रेन हवाई यात्रा का एक अच्छा विकल्प हो सकता है। वर्तमान में चीन में विमान की गति 900 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस ट्रेन को दौड़ते हुए देखकर ऐसा लगता है जैसे यह किसी चुंबकीय क्षेत्र पर फिसल रही हो। इसलिए इसे फ्लोटिंग ट्रेन कहा जाता है। ट्रेन को मीडिया की मौजूदगी में चेंगदू में लॉन्च किया गया था।
विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 165 मीटर लंबा ट्रैक बनाया। उस पर ट्रेन की उपस्थिति और दक्षता प्रस्तुत की गई थी। इस ट्रेन की लंबाई 21 मीटर है। इस पर काम करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ट्रेन तीन से दस साल में चलेगी।
चीन ने 2003 में हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन का निर्माण शुरू किया। उस समय बनी ट्रेन की गति 431 किलोमीटर प्रति घंटा है। 600 किलोमीटर प्रति घंटे की ट्रेन प्रणाली का निर्माण 2016 में शुरू हुआ।
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