
वाशिंगटन, ता। सोमवार, 18 जनवरी, 2021
विभिन्न देशों ने पश्चिमी देशों में बने कोरोनावायरस टीकों को मंजूरी दे दी है और अपने नागरिकों को बड़ी मात्रा में टीके देने शुरू कर दिए हैं।
कोरोना के खिलाफ अपने ही देश के नागरिकों की रक्षा के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करना अच्छी बात है लेकिन अमीर देशों के लिए टीकाकरण अभियान में गरीब देशों की अनदेखी करना अच्छी बात नहीं है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस ने इसके लिए अमीर देशों की आलोचना की है।
अधिकांश देशों द्वारा सबसे पहले अपने ही देश के नागरिकों का टीकाकरण किया जा रहा है और वे अन्य गरीब देशों के बारे में नहीं सोच रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने अमीर देशों से स्वार्थ छोड़ने और गरीब देशों पर भी विचार करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि 49 अमीर देशों ने वैक्सीन की 39 मिलियन खुराक तैयार की है और गरीब देशों के लिए केवल 25 खुराक आवंटित की गई है। WHO प्रमुख ने टीके पर लाभ कमाने के लिए फार्मा कंपनियों की प्रवृत्ति की भी आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि यह टीका पहले बुजुर्गों और फिर स्वस्थ और युवा लोगों को दिया जाना चाहिए।
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