
इस्लामाबाद, ता। 29 जनवरी 2021, शुक्रवार
पाकिस्तान, जिसने भारत के आंतरिक मामलों में बार-बार हस्तक्षेप किया है, ने भी अब किसान आंदोलन में हस्तक्षेप किया है। पाकिस्तान की विदेश मामलों की संसदीय समिति ने दिल्ली में किसानों के प्रदर्शनों की प्रशंसा की और सिख किसानों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
समिति ने सरकार से कहा कि पाकिस्तान को अमेरिकी सरकार के साथ-साथ अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाना चाहिए।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी साढ़े तीन घंटे की बैठक में मौजूद थे। समिति ने सरकार को बताया कि भारत में आरएसएस चरमपंथी विचारधारा में निहित है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने की आवश्यकता है।
मोदी सरकार के अत्याचारों का विरोध करने वालों के लिए 26 जनवरी एक काला दिन था। सिख किसानों ने नई दिल्ली में लाल किले पर अपना पवित्र झंडा लहराकर विरोध किया। हम इस आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले किसानों के प्रति अपनी सहानुभूति और संवेदना व्यक्त करते हैं।
समिति ने कहा कि भारत में वर्ष 2019 में 10,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की और मुस्लिमों को निशाना बनाया गया। भारत सरकार द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा संयुक्त राज्य अमेरिका से पहले और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा उठाया जाना चाहिए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें