इस्लामाबाद, 28 जनवरी 2021, गुरुवार
पाकिस्तान की रक्षा मंत्रालय ने अपनी जासूसी एजेंसी आईएसआई के पूर्व महानिदेशक असद दुर्रानी पर लगाए गए एक विस्फोटक आरोप को लेकर पाकिस्तान में खलबली मचा दी है।
रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, "असद दुर्रानी 2008 से भारत की जासूसी एजेंसी आरओ के साथ जुड़े रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने दुर्रानी का नाम एक्ज़िट कंट्रोल लिस्ट से हटाने का भी विरोध किया है।"
2018 से पाकिस्तान में दुर्रानी को लेकर विवाद चल रहा है। उस समय, दुर्रानी और रोना पूर्व प्रमुख एएस दुलत ने एक किताब का सह-लेखन किया था। उस समय रोवा और आईएसआई पर किताब पर भी चर्चा हुई थी। दुर्रानी ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। हटाना।
असद दुर्रानी ने 32 वर्षों तक पाकिस्तानी सेना में सेवा की। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि दुर्रानी ने पुस्तक में कई रहस्य उजागर किए हैं, जो पाकिस्तान के हितों के खिलाफ है।
दुर्रानी ने एक बार कहा था कि पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा भारत से नहीं बल्कि आंतरिक कारकों से है। उन्होंने किताब में यह भी उल्लेख किया है कि पाकिस्तान कभी भी हाफिज सईद को मुंबई हमलों के लिए दंडित नहीं करेगा, क्योंकि पाकिस्तान में हाफिज का कद इतना ऊंचा था, जो राजनीतिक दलों के लिए हो सकता है। अगर वह सज़ा भुगत रहा है तो पीड़ित है। हाफिज सईद की नजरबंदी भी एक नाटक था।
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