
दुबई, ता। मंगलवार, 9 फरवरी, 2021
अरब जगत का पहला अंतरिक्ष यान मंगल की कक्षा में पहुँच गया। "अमल" (आशा) नाम दिया गया, इस अंतरिक्ष यान ने सात महीनों में 300 मिलियन मील की दूरी तय की है और मंगल के करीब पहुंच गया है। यह प्रत्येक सत्र में वातावरण का नक्शा तैयार करेगा।
इसके बाद एक चीनी ऑर्बिटर और लैंडर भी है जो बुधवार को मंगल पर पहुंचेगा। रोवर मई में मंगल की सतह पर अलग हो जाएगा और तब तक लैंड करेगा जब तक यह पता नहीं चलता कि जीवन का कोई संकेत नहीं है। यह अगले हफ्ते मंगल की परिक्रमा करेगा।
चट्टानों को पृथ्वी पर लाने के लिए और सबूतों का परीक्षण करने के लिए चट्टानों को लाने के लिए एक दशक लंबे संयुक्त अमेरिकी-यूरोपीय अभ्यास का पहला चरण है कि किसी समय मंगल पर सूक्ष्म जीव होंगे। मंगल के लगभग 60 प्रतिशत मिशन विफल हो गए। या तो जलते हुए अर्थव दुर्घटनाग्रस्त हो गए या आंतरिक ग्रह यात्रा की उलझन को दूर करने में असफल रहे।
कुछ अंतरिक्ष यान मंगल की बहुत पतली हवा में जीवित नहीं रह सके। अगर चीन का मिशन सफल हो जाता है, तो वह यह उपलब्धि हासिल करने वाला दूसरा देश होगा। संयुक्त राज्य अमेरिका ने यह उपलब्धि आठ बार हासिल की, सबसे हाल ही में 45 साल पहले। नासा के रोवर और लैंडर अभी भी वहां सक्रिय हैं।
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