पड़ोसी देश में तख्तापलट की नेता आंग सान सू की की गिरफ्तारी, एक साल के लिए आपातकाल


बर्मा, ता। सोमवार 01 फरवरी 2021

भारत के पड़ोसी म्यांमार ने राजनीतिक उथल-पुथल देखी है। म्यांमार की सेना ने तख्तापलट करने वाले नेता आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट को गिरफ्तार कर एक साल के लिए आपातकाल लगा दिया है। म्यांमार सैन्य टेलीविजन के अनुसार, सेना एक साल से देश के नियंत्रण में है और सेना के कमांडर-इन-चीफ मिन आंग ह्लाइंग को सत्ता सौंप दी गई है।

म्यांमार की सेना द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चुनाव धोखाधड़ी से हुआ था। वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की तैनाती की गई है। म्यांमार के मुख्य शहर यंगून के एक शहर के हॉल के बाहर सैनिकों ने पत्थरबाजी की है, ताकि कोई भी तख्तापलट का विरोध न कर सके।

म्यांमार 1962 से 2011 तक सैन्य शासन के अधीन रहा है। 2010 में पहली बार चुनाव हुए और एक नागरिक सरकार का गठन किया गया जिसमें लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को शासन करने का अवसर मिला।

संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने तख्तापलट पर चिंता व्यक्त की है और कानून का सम्मान करने के लिए म्यांमार की सेना को बुलाया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि बर्मी सेना ने राज्य के पार्षद आंग सान सू की और अन्य असैन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी सहित देश के लोकतांत्रिक संक्रमण को कम करने के लिए कदम उठाए थे।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने म्यांमार की सेना को चेतावनी दी है कि वह हाल के चुनावों के परिणाम को बदलने या म्यांमार की लोकतांत्रिक प्रणाली को बाधित करने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है और तख्तापलट नहीं होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

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