स्पाइक प्रोटीन में उत्परिवर्तन ने वायरस को आठ गुना अधिक घातक बना दिया


न्यूयॉर्क, ता। गुरुवार, 18 फरवरी, 2021

एक अध्ययन के अनुसार, कोरोना वायरस की स्पाइक प्रोटीन, जिसकी उत्पत्ति चीन में हुई, में D614G नामक एक उत्परिवर्तन होता है, जो मानव कोशिकाओं को आठ गुना अधिक तक संक्रमित कर सकता है। कोरोना वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए स्पाइक प्रोटीन का उपयोग करते हैं।

ई-लाइफ पत्रिका में प्रकाशित शोध में पाया गया कि यूके, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए जाने वाले कई उत्परिवर्तन ने उत्परिवर्तन D614G को कोरोना वायरस से अधिक संक्रामक बना दिया।

न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में जीव विज्ञान के एक सहायक प्रोफेसर नेविल संजना ने कहा कि उत्परिवर्तन अब सार्वभौमिक हो रहा है और सभी प्रकारों में शामिल है। यह म्यूटेशन यही कारण है कि पिछले एक साल में वायरस इतनी तेजी से फैला है।

शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया कि D614G नामक उत्परिवर्तन 2020 की शुरुआत में उभरा हो सकता है और अब यह दुनिया भर के कई देशों में मौजूद कोरोना वायरस का सबसे प्रचलित रूप है। शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि वायरस स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन के कारण अन्य प्रोटीन के कारण विभाजन के लिए अधिक प्रतिरोधी हो गया है।

इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि D614G उत्परिवर्तन सर्वसम्मत तथ्य से अधिक संक्रामक है। यह कोरोना वैक्सीन विकसित करने के प्रयासों को भी प्रभावित करेगा। शोधकर्ताओं ने कहा कि अनुसंधान भविष्य के बूस्टर शॉट्स को विकसित करने में उपयोगी होगा जो सभी स्पाइक प्रोटीन से बचाता है।

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