
इस्लामाबाद, ता। २।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार डेनियल पर्क की हत्या के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि हत्यारे इमरान खान सरकार की लापरवाही के कारण रिहा किए गए। अभियोजन पक्ष सबूत पेश करने में विफल रहा। अमेरिका ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक पत्रकार, डैनियल पर्ल, कराची, पाकिस्तान में मारे गए थे। डेनियल पर्ल वॉल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशिया अध्यक्ष थे। डैनियल पर्ल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अलकायदा के बीच सांठगांठ साबित करते हुए एक रिपोर्ट जारी की। डैनियल की हत्या अल-कायदा के आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख और उसके लोगों ने रिपोर्ट के बाद की थी।
मामला तब अदालत में गया। वकीलों ने इमरान खान की सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया, लेकिन सबूतों की कमी और कमजोर दलीलों के कारण अदालत को आरोपियों को बरी करना पड़ा। इस पर अफसोस जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सरदार तारिक मसूद ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने बहुत कमजोर तर्क दिए थे। कोई सबूत इकट्ठा नहीं किया गया था इसलिए अदालत के पास आरोपियों को रिहा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
यह वही अहमद उमर सईद शेख है, जिसे भारत में भी कैद किया गया था। लेकिन कंधार अपहरण के समय उसे छोड़ दिया गया था। सईद शेख को इससे पहले पर्ल की हत्या के लिए अप्रैल 2020 में सिंह हाई कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी, लेकिन इमरान खान की सरकार द्वारा आतंकवादियों को ठीक से चुनौती देने में विफल रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट में उन्हें बरी कर दिया गया था।
अमेरिका ने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई है। अमेरिका ने पाकिस्तान को अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी। अमेरिका ने पाकिस्तान से अमेरिका में मामला दर्ज करने की अपील भी की थी। पाकिस्तान ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक समीक्षा याचिका दायर की है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के दूत ने भी पाकिस्तान पर दबाव बनाया है।
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