नई दिल्ली, दिनांक 13 अप्रैल 2021, मंगलवार
कोरोना की दूसरी लहर अधिक घातक और प्रफुल्लित हो रही है। कोरोना को रोकने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है।
इस स्थिति के बीच स्कॉटलैंड में किए गए शोध का दावा है कि जहां तेज बुखार होता है वहां कोरोना की मौत कम होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के शोधकर्ताओं का कहना है कि सूरज की गर्मी, विशेष रूप से इसमें मौजूद पराबैंगनी किरणों से कोरोना से मौत का खतरा कम हो जाता है।
अनुसंधान ने संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 2,500 ग्रामीण क्षेत्रों में हुई मौतों की तुलना की। जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि जहां पराबैंगनी किरणों की मात्रा अधिक थी, वहां कोविद से मृत्यु का जोखिम कम था। ब्रिटेन और इटली में एक समान सर्वेक्षण किया गया था, और निष्कर्ष लगभग समान थे।
शोधकर्ताओं ने उन कारकों को देखा, जिनमें कोरोना वायरस से मृत्यु का खतरा बढ़ गया था, जैसे कि उम्र, लिंग, आर्थिक और सामाजिक स्थिति, जनसंख्या घनत्व, प्रदूषण, तापमान और स्थानीय क्षेत्र में संक्रमण की सीमा। शोधकर्ताओं का कहना है कि धूप के संपर्क में आने से त्वचा पर नाइट्रस ऑक्साइड पैदा होता है। कुछ लैब अनुसंधानों से पता चला है कि नाइट्रस ऑक्साइड कोरोना वायरस को कमजोर करता है।
गंभीर गर्मी रक्तचाप के स्तर को कम करती है और दिल के दौरे के जोखिम को कम करती है। दिल का दौरा भी एक कारक है जो कोरोना से मृत्यु को बढ़ाता है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें