फ़ेक ऐप 'फ़्लिक्स-ऑनलाइन' मुफ्त नेटफ़्लिक्स की पेशकश से डेटा चोरी का खतरा है



नई दिल्ली तारीख ।
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी चेकपॉइंट रिसर्च के विशेषज्ञों का दावा है कि हैकर्स फ्लिक्स-ऑनलाइन नामक एक फर्जी ऐप के जरिए यूजर्स के संवेदनशील डेटा को छीन लेते हैं, जो मुफ्त में नेटफ्लिक्स ऑफर करता है।
चेकपॉइंट रिसर्च टीम ने पाया कि Google Play Store में उपलब्ध फ़्लिक्स-ऑनलाइन नामक एक नकली ऐप, संवेदनशील उपयोगकर्ताओं के डेटा को लीक कर दिया है। स्मार्टफोन में मुफ्त में नेटफ्लिक्स दिखाने के नाम पर यह ऐप व्हाट्सएप और रोबोटिक्स से ऑटो-मैसेज पर नजर रखता है।
यह विधि हैकर्स को मैलवेयर फैलाने और यहां तक ​​कि अन्य लोगों के मोबाइल से डेटा छीनने की अनुमति देती है। इस डेटा के उपयोग से भविष्य में मोबाइल हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि हैकर्स व्हाट्सएप खातों तक पहुंच प्राप्त कर रहे थे और संवेदनशील और संवेदनशील जानकारी प्राप्त कर रहे थे।
Wormable नामक एक Android वायरस बहुत खतरनाक है। मोबाइल पर नकली ऐप का इस्तेमाल कर वायरस को इंस्टॉल किया जाता है। हैकर्स व्हाट्सएप के अलावा अन्य मैसेजिंग एप्स से भी जानकारी छीन सकते हैं।
रिपोर्ट में, विशेषज्ञों ने सलाह दी कि जिन लोगों ने मोबाइल में ऐसे फर्जी ऐप इंस्टॉल किए हैं, उन्हें हटा देना चाहिए। जिन लोगों ने फ्री नेटफ्लिक्स पाने के लालच में इस ऐप को डाउनलोड किया है, उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि उन्हें भारी नुकसान हो रहा है, जिसके भविष्य में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
विशेषज्ञों ने सलाह दी कि ऐप को हटाने के बजाय खाते को बंद करके हटा दिया जाना चाहिए। अन्यथा यह हैकर्स को मोबाइल तक पहुंच प्रदान कर सकता था।

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