विकासशील देशों को वैक्सीन फार्मूला न देने के बिल गेट्स के बयान की आलोचना


नई दिल्ली तारीख २।

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के शीर्ष दस सबसे अमीर लोगों में से एक बिल गेट्स ने कहा है कि विकासशील देशों को कोरोना वैक्सीन फॉर्मूला नहीं दिया जाना चाहिए। भले ही गरीब और विकासशील देशों को कुछ समय इंतजार करना पड़े, लेकिन उन्हें वैक्सीन का फॉर्मूला नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि, उनके बयान की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई।

एक अमेरिकी टीवी चैनल के साथ एक साक्षात्कार के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या विकासशील देशों को कोरोना वैक्सीन के लिए एक सूत्र दिया जाना चाहिए ताकि कोरोना जल्दी और प्रभावी ढंग से रोका जा सके? तो उन्होंने अपने जवाब में स्पष्ट रूप से कहा कि यह नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भले ही दुनिया भर में वैक्सीन कारखाने स्थापित किए गए हैं और लोग अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं, लेकिन सूत्र नहीं दिए जाने चाहिए क्योंकि यह बहुत मुश्किल काम है।

अमेरिका में एक कारखाने और भारत में एक कारखाने के बीच एक अंतर है। हम अपने खर्च पर और अपने विशेषज्ञों की मदद से टीके बनाते हैं।

बिल गेट्स के बयानों की दुनिया भर में सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई है। एसेक्स विश्वविद्यालय के कानून के प्रोफेसर तारा वान हो ने ट्विटर पर कहा कि गेट्स बोल रहे थे जैसे कि भारत कोरोना से होने वाली मौतों को रोकने में सक्षम नहीं था और भारत उसकी मदद करेगा। जबकि वास्तविकता यह है कि अमेरिका और ब्रिटेन विकासशील देशों की मदद करने में हिचकते हैं। यह सही नहीं है।


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