
नई दिल्ली तारीख 14 मई 2021, शुक्रवार
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। कोरोना वायरस कहां से आया इसका अभी तक कोई परिपक्व जवाब नहीं मिल पाया है। इसको लेकर अब तक कई दावे किए जा चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा उंगली चीन की तरफ होती है। यह वायरस कथित तौर पर चीन के वुहान लैब से लीक हुआ था। हालांकि चीन लगातार इस दावे का खंडन करता रहा है। अब दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस बात से कोई इंकार नहीं है कि चीन की लैब से कोरोना वायरस लीक हुआ है.
चीन में 2019 के अंत में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। तब से लेकर अब तक दुनियाभर में 30 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। इसके अलावा अरबों रुपये का नुकसान भी हुआ। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट रवींद्र गुप्ता और फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर के जेसी ब्लूम सहित अठारह वैज्ञानिकों ने कहा कि महामारी की उत्पत्ति में और अधिक शोध की आवश्यकता है। वैज्ञानिक समूह का हिस्सा रहे प्रोफेसर डेविड सलमान ने साइंस जर्नल को लिखे एक पत्र में कहा कि इस सिद्धांत से इंकार नहीं किया जा सकता है कि वायरस चीनी लैब में पाया गया था या वायरस जानवरों से बच गया था।
वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वुहान में कोरोना वायरस की उत्पत्ति के बारे में किए गए शोध में सभी पहलों को ध्यान में नहीं रखा गया। साथ ही लैब से वायरस के लीक होने की थ्योरी को भी संभावित नहीं माना जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि हो सकता है कि कोरोना वायरस चमगादड़ों से फैला हो।
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