लगभग 420 मिलियन वर्ष पुरानी चार पैरों वाली मछली की प्रजाति मेडागास्कर के तट पर डायनासोर-विलुप्त मछली को जिंदा पकड़ा गया

एंटानानारिवो, दिनांक 17 मई 2021, सोमवार
हिंद महासागर में मेडागास्कर के तट से पानी के नीचे शार्क शिकारियों ने एक विलुप्त डायनासोर-युग की मछली को जीवित पकड़ लिया है। चार पैरों वाली मछली की यह प्रजाति लगभग 420 मिलियन वर्ष पुरानी है। इस मछली को कोयलकंठ के नाम से जाना जाता है। शिकारियों ने शार्क को पकड़ने के लिए एक विशेष जाल का इस्तेमाल किया, जिसमें मछली पकड़ी गई।
ये शिकारी शार्क के पंख और तेल पाने के लिए गहरे समुद्र में बड़े-बड़े जाल डालते हैं, ताकि उन्हें वहीं पकड़ा जा सके जहां मछलियां इकट्ठा होती हैं। ये जाल समुद्र के अंदर 328 फीट से 492 फीट तक जा सकते हैं। 420 मिलियन वर्ष पुरानी मानी जाने वाली इस मछली की प्रजाति को 1938 तक विलुप्त माना जाता था। इस मछली को जिंदा पकड़कर वैज्ञानिक हैरान हैं।
कहा जाता है कि इस शार्क के आठ पंख होते हैं। इसके विशाल शरीर पर भी इसकी एक विशेष धार होती है। साउथ अफ्रीकन जर्नल ऑफ साइंस के एक अध्ययन में पाया गया कि शार्क के अवैध शिकार ने कोआलाकैंथ मछली के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है।
1980 के दशक से शार्क का शिकार बढ़ रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि शार्क को पकड़ने के लिए हंटर का जिलनेट एक बहुत ही खतरनाक आविष्कार है। वे इतने विशाल हैं कि गहरे समुद्र में भी शार्क को फंसा सकते हैं।
शोधकर्ताओं को अब डर है कि मेडागास्कर में शिकारी जिलनेट के साथ इस अद्भुत मछली का शिकार बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि मेडागास्कर में कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं, लेकिन कई ऐसी मछलियां यहां मौजूद हैं।
अनुसंधान से पता चला है कि मेडागास्कर विभिन्न प्रकार के कोलैकैंथ प्रजातियों का केंद्र बन गया है। हालांकि, सरकार अवैध शिकार के बारे में विशेष रूप से चिंतित नहीं दिखती है।
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