
(PTI) लाहौर, ता। २०
पाकिस्तान के तीन नागरिकों द्वारा पाक। सेना ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था। याचिका की सुनवाई के दौरान, लाहौर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान सेना को नारा दिया।
लाहौर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान की जमीन हड़पने की याचिका पर पाकिस्तान सेना को फटकार लगाते हुए कहा था कि फसल पाकिस्तान में है। सेना सबसे बड़ा भू-माफिया है। लाहौर उच्च न्यायालय की यह टिप्पणी बहुत महत्वपूर्ण है।
लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद कासिम खान ने कहा कि सेना की वर्दी लोगों की सेवा करना है, न कि राजा की तरह सत्ता का आनंद लेना। देश में राजा की तरह व्यवहार करना पाक सेना के लिए सही नहीं है। पाकिस्तान सेना का मुख्य कार्य भूमि हथियाने से लेकर अन्य मामलों में नागरिकों को परेशान करना प्रतीत होता है।
लाहौर उच्च न्यायालय ने पुलिस को लाहौर स्थित पाकिस्तानी सेना के कमांडर को समन जारी करने का निर्देश दिया था। लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश यहीं नहीं रुके। "क्या पुलिस प्रशासन, कानून प्रवर्तन अधिकारी, न्यायाधीश, वकील या पाकिस्तान के नागरिक कुछ भी त्याग नहीं कर रहे हैं?" उन्होंने पूछा। केवल फसल। क्या सेना बलिदान करती है? उच्च न्यायालय ने यह भी नाराजगी व्यक्त की कि पाकिस्तान के सेना अधिकारी बलिदान के नाम पर महत्वपूर्ण पदों पर काबिज लोगों को महत्वपूर्ण अधिकारों से वंचित कर रहे थे।
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