नई दिल्ली, 21 मई, 2021, शुक्रवार
भारत इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच चल रहे गतिरोध पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रहा है, लेकिन भारत में इजरायल के उप राजदूत रॉनी क्ले ने आखिरकार बात की है।
रोनी क्लेन का कहना है कि इस्राइल को भारत के लोगों से काफी समर्थन मिला है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई समर्थन नहीं मिला है। जितना अन्य देशों की सरकारों ने दिया है, हालांकि भारत और इस्राइल के बीच संबंध बहुत पुराने और करीबी हैं।
क्लेन ने कहा कि हमास यरुशलम के पूर्व में शेख जर्राह नामक स्थल के सामने इस्राइल पर हमला कर रहा था। फिलहाल विवाद थम गया है और लगता है कि जल्द ही बातचीत शुरू हो जाएगी। फिलिस्तीन के उदार लोगों को इसके लिए आगे आना होगा और कट्टरपंथी तत्वों को पीछे हटाना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि हमास ने इजरायल के आवासीय क्षेत्रों पर रॉकेट दागे थे जबकि इजरायल ने हमास के आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया था। इजराइल ने जिन इमारतों को निशाना बनाया था, वहां के लोगों को पहले ही एक संदेश भी दे दिया था। कुछ इमारतों पर केवल साउंड बम गिराए गए। ताकि वहां के लोग गंदगी को गंभीरता से लें। हमारा प्रयास हमास के नेतृत्व को उखाड़ फेंकने का था। हमास ने नागरिकों पर हमला किया और अपने ही लोगों के जीवन को खतरे में डाला।
क्लेन ने कहा कि हमास के 75 प्रतिशत रॉकेट इस्राइल के रिहायशी इलाकों में उतरे। हमास ने 10 दिनों में इजराइल पर 29 तरह के रॉकेट दागे। हमास के अलावा, इज़राइल ने लेबनान से इज़राइल पर रॉकेट हमलों को भी गंभीरता से लिया है। हमने जो भी हमले किए हैं, वे हर तरह से उचित थे। सोचिए अगर दिल्ली पर बम गिराया गया तो भारत सरकार क्या प्रतिक्रिया देगी?
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