
(पीटीआई) वाशिंगटन, ता। 1 1
अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने एक अहम ऐलान किया है कि ट्रंप के जमाने की एच-1बी वीजा नीति को रद्द कर दिया जाएगा और वही नीति लागू की जाएगी जो पहले थी। इस फैसले से कई भारतीय आईटी विशेषज्ञों को राहत मिलेगी। एच-1बी वीजा हासिल करना और आसान हो जाएगा।
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एच -1 बी वीजा पर ट्रम्प की नीति को खत्म किया जा रहा है। इसके बजाय, वही नीति जो बराक ओबामा के अधीन थी, फिर से लागू की जाएगी।
ट्रंप ने इमिग्रेशन अधिकारियों को एच-1बी वीजा आवेदनों को तत्काल रद्द करने का अधिकार दिया। इससे कई आवेदकों के लिए वीजा प्राप्त करना मुश्किल हो गया। इससे पहले, आव्रजन अधिकारियों के पास इतनी शक्ति नहीं थी। एक निश्चित प्रक्रिया का पालन किया गया क्योंकि अधिकारी तुरंत आवेदन को रद्द नहीं कर सके। इस वजह से एच-1बी वीजा मिलने की संभावना ज्यादा थी, लेकिन ट्रंप की नीति के चलते इस कैटेगरी में कई आईटी प्रोफेशनल्स को वीजा देने से मना कर दिया गया।
आव्रजन एजेंसी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बदलाव राष्ट्रपति जो बाइडेन के सुझाव पर किए गए थे। आव्रजन विभाग ने कहा कि वीजा प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बदलाव किए जा रहे हैं। आव्रजन विभाग ने अधिकारियों को एक अधिसूचना जारी कर वीजा रद्द करने से पहले अधिक जानकारी प्राप्त करने और अधिक सबूत जोड़ने के लिए कहा। बिना पुख्ता सबूत के वीजा रद्द न करें।
उल्लेखनीय है कि जून 2016 में डोनाल्ड ट्रंप ने वीजा नीति में भारी बदलाव किए थे। इस वजह से अमेरिकी वीजा मिलना पहले की तरह मुश्किल हो गया है।
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