नई दिल्ली, 16 जून 2021 बुधवार
कोरोना की महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। अमेरिका में लोगों को नियमित रूप से कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन दी जा रही है। लेकिन इस बीच जानकारों ने चेतावनी दी है कि डेल्टा वेरियंट की वजह से यहां अचानक से संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, अमेरिका में वर्तमान में डेल्टा संस्करण में 10 प्रतिशत मामले हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि यह वेरिएंट जल्द ही यहां सबसे बड़ी समस्या बन सकता है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के चिकित्सा विशेषज्ञों ने सभी को टीकाकरण के महत्व पर जोर दिया है।
सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने कहा है कि डेल्टा संस्करण अल्फा संस्करण की तुलना में अधिक संक्रामक है। ब्रिटेन में पाए जाने के बाद से यह अमेरिका में सबसे तेजी से फैलने वाला संक्रमण बन गया है। "मैं उन लोगों के बारे में अधिक चिंतित हूं जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगाया गया है," उन्होंने कहा। विवेक मूर्ति ने आगे कहा कि 'एक और चिंता की बात यह है कि कुछ आंकड़े बताते हैं कि यह वेरिएंट ज्यादा खतरनाक हो सकता है। जिससे और भी कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इसे अभी और समझने की जरूरत है।
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड की एक हालिया रिपोर्ट में पाया गया कि जॉनसन एंड जॉनसन के अनुसार, कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक डेल्टा संस्करण का मुकाबला करने में अधिक प्रभावी थीं, जबकि फाइजर-बायोएंटेक की दो खुराक संक्रमण से लड़ने में 96 प्रतिशत अधिक प्रभावी थीं। अन्य उपभेदों से लड़ने में प्रभावी।
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