कोरोना वैक्सीन की 500 खुराक बर्बाद करने के मामले में एक अदालत ने उन्हें 3 साल जेल की सजा सुनाई

नई दिल्ली, 9 जून, 2021, बुधवार

कोरोना की दूसरी लहर के बाद कोरोना के टीके और अधिक लोकप्रिय हो गए हैं। भारत में एक तरफ वैक्सीन दी जा रही है तो दूसरी तरफ लाखों डोज बर्बाद हो चुकी हैं। कुछ मामलों में मानवीय भूल भी जिम्मेदार होती है। हालांकि अभी तक ऐसे मामलों में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

हालांकि, अमेरिका की एक अदालत ने अमेरिका में वैक्सीन की एक खुराक बर्बाद करने के मामले में एक फार्मासिस्ट को तीन साल जेल की सजा सुनाई है। अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन में स्टीवन ब्रैंडेनबर्ग नाम के एक फार्मासिस्ट पर कोरोना वैक्सीन की 500 डोज बर्बाद करने का आरोप लगा था। उन्होंने वैक्सीन की खुराक को घंटों तक रेफ्रिजरेटर से बाहर रखा। उन्होंने आरोपों के लिए दोषी ठहराया।

स्टीवन ने स्वीकार किया, "मैंने वैक्सीन की खुराक को मेडिकल सेंटर में फ्रीजर से बाहर रखा जहां मैंने काम किया था।" मुझे इस पर शर्म आती है और जो हुआ उसके लिए जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं। उन्होंने अपने परिवार के सहयोगियों और समुदाय से माफी मांगी।

अदालत ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई और 83,83, 000 जुर्माना भरने का आदेश दिया। यह रकम उन्हें अस्पताल को मुआवजे के तौर पर देनी है। अभियोजकों ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि चिकित्सा आपातकाल के दौरान इस तरह से टीकों को बर्बाद करना एक गंभीर अपराध था। कोर्ट ने भी इन दलीलों को बरकरार रखा।

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