
- अकादमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के शोध ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने और कोरोना के टीके विकसित करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
नई दिल्ली तिथि। गुरुवार, 24 जून, 2021
दुनिया भर में एक साल से भी ज्यादा समय से फैल रहे कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है और पूरी दुनिया जानती है कि इस वायरस की उत्पत्ति चीन की वुहान लैब है। वुहान में भी कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। हैरानी की बात यह है कि चीन ने इस विवादास्पद लैब को पुरस्कार के लिए नामित किया है।
चीन ने कोविड-19 मुद्दे पर उत्कृष्ट शोध के लिए चीनी विज्ञान अकादमी को सबसे बड़ा पुरस्कार देने के इरादे से वुहान में प्रयोगशाला को नामित किया है।
चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की कई रिपोर्टों के अनुसार, इस लैब द्वारा किए गए महत्वपूर्ण शोध से कोरोना वायरस की उत्पत्ति, महामारी विज्ञान और इसके रोगजनक तंत्र को समझने में मदद मिली है। परिणामों ने कोरोना वायरस के खिलाफ दवाओं और टीकों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। वहीं, महामारी के प्रसार को रोकने और रोकने के लिए वुहान लैब द्वारा महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी सहायता प्रदान की गई। अकादमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के शोध ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने और कोरोना के टीके विकसित करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
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