
- ब्रिटिश जर्नल 'लैंसेट' भारत में महामारी को नियंत्रित करने के उपाय सुझाता है
लंदन, 19 जून 2021, शनिवार
भारत में कोरोना की दूसरी लहर धीरे-धीरे कमजोर हो रही है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। देश में महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका है, जो विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के बाद हो सकती है।
इस बीच ब्रिटिश साइंस जर्नल लैंसेट ने एक बार फिर भारत को कोरोना से लड़ने के आठ तरीके बताए हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि भारत इसे तुरंत लागू करे।
(1) आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण।
(२) अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, ऑक्सीजन, दवाओं और रोगी देखभाल से संबंधित सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की अधिकतम कीमतें तय करने के लिए एक पारदर्शी राष्ट्रीय मूल्य-मूल्य नीति तैयार की जानी चाहिए। अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज को कैश की जरूरत नहीं होनी चाहिए। कुछ राज्यों ने सभी के लिए मौजूदा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के माध्यम से इलाज की लागत को कवर करने के लिए ऐसा किया है।
(३) कोरोना प्रबंधन पर सूचना का अधिक व्यापक रूप से प्रसार और कार्यान्वयन किया जाना चाहिए।
(४) निजी क्षेत्र सहित स्वास्थ्य क्षेत्र के सभी स्तरों पर उपलब्ध मानव संसाधन को कोरोना के साथ काम करने के लिए उन्नत किया जाना चाहिए। पर्याप्त संसाधन, विशेष रूप से पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण। बीमा और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के उपयोग पर मार्गदर्शन प्रदान करें।
(५) राज्य सरकारों को मिलने वाली कोरोना वैक्सीन की मात्रा को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाए। टीकाकरण एक जनहित है, इसे बाजार के विवेक पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
(६) रोग निवारण कार्यक्रमों में जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाए।
(७) आने वाले दिनों में संभावित कोरोना मामलों के लिए जिलों को सक्रिय रूप से तैयार करने के लिए सरकारी डेटा संग्रह और उसके मॉडल में पारदर्शिता होनी चाहिए।
(8) कोरोना से परेशान मजदूर वर्ग और निम्न आय वर्ग के बैंक खातों में नकद राशि जमा की गई।
लक्ष्मी मित्तल और फैमिली साउथ एशिया इंस्टीट्यूट और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में पिछले दिसंबर में गठित लैंसेट सिटीजन पैनल में दुनिया भर के 21 विशेषज्ञ शामिल हैं।
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