(पीटीआई) वाशिंगटन, ता. 26 
प्रमुख अमेरिकी सांसदों ने बिडेन प्रशासन से 200,000 से अधिक युवा भारतीयों के निर्वासन को रोकने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया है। गौरतलब है कि ये दो लाख युवा ज्यादातर एच-1बी वीजा धारकों के बच्चे हैं।
प्रमुख अमेरिकी सांसद डेबोरा रॉस और भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद डॉ. बेरा के नेतृत्व में नौ सांसदों ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) के सचिव एलेक्जेंड्रो मायॉक्स को लिखा है।
पत्र में अनुरोध किया गया था कि ये भारतीय युवा, जिन्होंने अपना बचपन और किशोरावस्था संयुक्त राज्य अमेरिका में बिताई थी, संयुक्त राज्य में आश्रित के रूप में रहते हैं। इस युवक को एक दस्तावेज सपने देखने वाले के रूप में जाना जाता है।
पत्र में प्रत्यर्पण का सामना कर रहे युवाओं से संयुक्त राज्य में रहने का आग्रह किया गया है। ट्रम्प ने एक नाबालिग के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका में निर्वासन को रोकने के लिए ओबामा द्वारा शुरू किए गए एक डीएसी कार्यक्रम को रद्द कर दिया।
अमेरिका में अब तक माता-पिता के वीजा पर निर्भर बच्चे युवा हो गए हैं और उनके माता-पिता सालों से ग्रीनकार्ड का इंतजार कर रहे हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें