कॉकरोच उगाकर पैसा कमाने वाली कंपनी चीन में जिंजरब्रेड का चलन बढ़ रहा है

नई दिल्ली, 10 जून, 2021, गुरुवार

वंदा नाम का प्रयोग कई लोग करते हैं। यह एक ऐसा कीट है जिसे बहुत से लोग देखना भी पसंद नहीं करते हैं। हालांकि, चीनी, जो किसी भी जानवर को मारने और खाने में सक्षम हैं, ने कॉकरोच को भी मेनू में शामिल किया है।

चीन समेत कई एशियाई देशों में तिलचट्टे को तला हुआ खाया जाता है और अब इसकी मांग भी बढ़ रही है। उस समय कॉकरोच पालने का धंधा भी बड़े पैमाने पर शुरू हो गया था। कई लोगों के लिए तिलचट्टे आय का जरिया बन गए हैं। चीन में लोग इसका शरबत तक पीते हैं। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के एक शहर में एक दवा कंपनी हर साल एक इमारत में 60 करोड़ तिलचट्टे उगाती है। इमारत दो मैदान जितनी बड़ी है। यहां हमेशा अंधेरा रहता है। वातावरण को गर्म और आर्द्र रखा जाता है। ताकि तिलचट्टे के पालन के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जा सके।

कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम से कॉकरोच की ग्रोथ पर नजर रखती है। यह इमारत के अंदर के तापमान, तिलचट्टे के भोजन और नमी को नियंत्रित करता है। कंपनी का लक्ष्य कम समय में ज्यादा कॉकरोच पैदा करना है। जब तिलचट्टा परिपक्व हो जाता है, तो इसे कुचलकर चाशनी बना ली जाती है। चीनी इसे एक दवा मानते हैं। सिरप का उपयोग दस्त-उल्टी, पेट की बीमारियों, सांस की बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है।

चीन के कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लियू युशेंग के अनुसार तिलचट्टे अपने आप में एक दवा हैं। जो कई बीमारियों को दूर करता है। वंदना दवा विशेष रूप से सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने लगती है।

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