
नई दिल्ली: भारतीय मूल की अमेरिकी महिला सुमित्रा मित्रा ने यूरोप का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर यूरोप को पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया है. उन्होंने यूरोपीय आविष्कारक पुरस्कार 2021 जीता है।
सुमित्रा मित्रा को दंत चिकित्सा में नैनो तकनीक के उपयोग के लिए गैर-यूरोपीय पेटेंट कार्यालय देशों की श्रेणी में पुरस्कार मिला। उन्होंने सबसे पहले नैनोपार्टिकल्स के जरिए दांतों को मजबूत करने की तकनीक दुनिया के सामने पेश की।
दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोगों पर इस तकनीक का आसानी से उपयोग किया जा चुका है। यूरोपीय पेटेंट कार्यालय के प्रमुख एंटोनियो कैपिनोस के अनुसार, सुमित्रा ने इस क्षेत्र को एक नया आयाम देने के लिए काम किया है। दांतों की बहाली के क्षेत्र में उनकी तकनीक काफी क्रांतिकारी कदम साबित हुई है। इस तकनीक के कारण इस क्षेत्र का दायरा बढ़ा है। वर्तमान में लाखों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। सुमित्रा ने अपनी तकनीक का पेटेंट भी कराया है।
एंटोनियो के अनुसार, इस तकनीक का इस्तेमाल किए बीस साल हो चुके हैं। नई पीढ़ी उनके नए आविष्कारों और तकनीकों के कारण उनकी ओर अधिक आकर्षित होती है। उनकी तकनीक भविष्य के डॉक्टरों के लिए प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि यूरोपीय आविष्कारक पुरस्कार समारोह पहली बार डिजिटल हो रहा है और इस बार पूरी दुनिया को इससे जुड़ने का मौका दिया है।
गौरतलब है कि यह पुरस्कार यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। यह यूरोपीय पेटेंट कार्यालय द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। सुमित्रा ने कहा कि किसी भी नए विचार पर काम शुरू करने के लिए जिज्ञासा और शोध मुख्य आधार हैं। इससे पहले 2012 में उन्हें यूएस नेशनल इन्वेंटर्स हॉल ऑफ फेम के लिए चुना गया था।
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