
वाशिंगटन, ता. 5
रूस दुनिया का सबसे बड़ा रैंसमवेयर हैकर है, जिसने 15 देशों को प्रभावित किया है। एफबीआई ने कहा कि उसने आरोपों की गहन जांच शुरू की है। रेवेल नाम के हैकर ने इससे पहले बहुराष्ट्रीय जेबीएस से 11 मिलियन रुपये की फिरौती मांगी थी।
दुनिया के सबसे बड़े रैंसमवेयर हमले के रूप में माने जाने वाले इस हमले ने 12 देशों में हाहाकार मचा दिया था। रेवेल नामक एक हैकर समूह ने दुनिया के सबसे बड़े मांस उत्पादक जेबीएस पर रैंसमवेयर हमले के लिए million 11 मिलियन की मोटी फिरौती की मांग की है। इसी तरह के और भी हमले हुए।
एफबीआई की जांच में पता चला कि रैंसमवेयर हमला 17 देशों में हुआ था और फिरौती के रूप में अरबों रुपये की मांग की गई थी। एफबीआई ने दावा किया कि हैकर्स का समूह रूसी था। एफबीआई ने कहा कि सटीक आंकड़ा देना संभव नहीं होगा क्योंकि हमला विभिन्न कंपनियों पर हुआ था, लेकिन फिरौती में अरबों रुपये की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। रैंसमवेयर ने अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 200 कंपनियों पर हमला किया। अमेरिकी कैसिया कंपनी को विशेष रूप से लक्षित किया गया था। कहा जाता है कि 10 देशों में फैली कंपनी ने લાખ 5 मिलियन की फिरौती की मांग की थी।
इससे पहले, राष्ट्रपति जो बिडेन ने व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अगर रूस शामिल होता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। बाइडेन ने भी गहन जांच के आदेश दिए। इससे पहले बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा था कि रूस रेवेल जैसे हैकर समूह को नहीं बचाएगा। इसके बाद सबसे बड़ा रैंसमवेयर हमला हुआ।
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