
- तालिबान के अलावा ISIS की नजर जलालाबाद-काबुल सप्लाई लाइन पर भी है
नई दिल्ली तिथि। शनिवार, 24 जुलाई 2021
20 साल पहले अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान का दबदबा बढ़ रहा है। तालिबान उग्रवादियों का दावा है कि उनके लड़ाकों ने अफगानिस्तान के 90 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है। अफगान सेना लगातार अपने इलाके को तालिबान के कब्जे से मुक्त कराने की कोशिश कर रही है।
अफगान सुरक्षा बलों ने हाल के दिनों में तालिबान पर हमले तेज कर दिए हैं। अफगान बलों के दावों के अनुसार, उसने कंधार के पास 36 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है।
अफगानिस्तान के साथ जारी खूनी संघर्ष के बीच तालिबान भी तरह-तरह के दावे कर रहा है। तालिबान ने हाल ही में देश के उत्तरी हिस्से में गाजियाबाद जिले में पुलिस मुख्यालय पर कब्जा करने का दावा किया है। वहीं, 80 अफगान सुरक्षा बल तालिबान में शामिल हो गए हैं। तालिबान ने गाजियाबाद में अफगान बलों से जब्त किए गए हथियारों और गोला-बारूद की तस्वीरें भी साझा कीं।
विशेष रूप से, अमेरिका ने हाल ही में दो दशकों के बाद अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस ले लिया। तब से तालिबान ने और भी विकराल रूप धारण कर लिया है। इसने अधिकांश अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है। तालिबान ने पाकिस्तान, ईरान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को जोड़ने वाले हेरात, फराह, कंधार, कुंदुज, तखर और बदख्शां प्रांतों में कई प्रमुख राजमार्गों और सीमा चौकियों को भी जब्त कर लिया है। अफगान सेना वर्तमान में नंगरहार, पक्तिया, पक्तिका, खोस्त और निमरोज प्रांतों में ईरान और पाकिस्तान के साथ सीमा चौकियों पर कब्जा कर रही है।
इस दिशा में तालिबान अफगानिस्तान की जीवन रेखा पर कब्जा करने की तैयारी में है। दरअसल, तालिबान आतंकवादी अफगानिस्तान के ज्यादातर राजमार्गों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। तालिबान को कई जगहों पर सफलता भी मिली है। तालिबान ने कंधार राजमार्ग पर कब्जा कर लिया है, जिसे मुख्य आपूर्ति माना जाता है। इसके अलावा तालिबान न सिर्फ जलालाबाद और काबुल के बीच दूसरी सप्लाई लाइन पर अफगान सेना पर हमला कर रहा है, बल्कि उस सप्लाई लाइन पर भी ISIS की नजर है.
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