
इस्लामाबाद, डीटीई
पाकिस्तान में आतंकी ठहाके लगा रहे हैं। पाकिस्तान और चीन को जहर देकर बड़े हुए आतंकवादी अब इन दोनों देशों के लिए मुसीबत बन गए हैं। पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी कामगारों पर आतंकी हमले का खतरा लगातार बना हुआ है।
चीन-फसल। इकनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे चीनी मजदूर एके-7 के साथ काम कर रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में चीनी इंजीनियरों को ले जा रही एक बस पर हुए आतंकी हमले के बाद से चीनी कामगार अब दहशत की स्थिति में हैं। हमले में नौ चीनी नागरिकों के मारे जाने के बाद चीन ने अपने कार्यकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है।
चीन-फसल। फिलहाल इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। कार्यकर्ताओं पर आतंकी हमले की आशंका है। इसी को देखते हुए चीन ने अपने कार्यकर्ताओं को एके-4 दे दी है। चीनी मजदूर एक हाथ में एके-47 लेकर काम करने को मजबूर हैं।
एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे एक चीनी कर्मचारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं, जिसके एक हाथ में दूसरे हाथ में बंदूक थी। चीनी कामगारों में आतंकवाद का इतना खौफ फैल गया है कि उन्हें हाथ में बंदर रखना पड़ रहा है। हालांकि पाकिस्तानी सेना चीनी कामगारों की रक्षा करती है, लेकिन कई चीनी कामगार आतंकवाद के शिकार हो जाते हैं। तब से चीन ने श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रभाग बनाया है।
एके-4 जैसी शक्तिशाली बंदूकें चीनी श्रमिकों के हाथों में पड़ जाने से स्थानीय लोगों में भी असंतोष फैल गया है। चीन की परियोजना के खिलाफ पाकिस्तान के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है, लेकिन पाकिस्तान विरोध को दबाने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करता है।
गौरतलब है कि आतंकवाद नाम के इस अजगर को सिर्फ चीन और पाकिस्तान ने ही जहर दिया है। मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों पर वैश्विक प्रतिबंध को रोकने के लिए चीन ने पाकिस्तान के पक्ष में अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया है, लेकिन इस आतंकवादी कोबरा का जहर अब चीन-पाकिस्तान पर भारी पड़ रहा है।
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