
नई दिल्ली, 18 जुलाई 2021, रविवार
अमेरिकी राज्य अलास्का में बिजली गिरने से वैज्ञानिक भी नाराज हैं। अलास्का से साइबेरिया तक का क्षेत्र लगातार तीन दिनों तक गरज के साथ गरज रहा था और इस क्षेत्र में अनगिनत बिजली गिरने की घटनाएं हुई थीं।
अमेरिकी राज्य अलास्का उत्तरी ध्रुव के करीब है। वैज्ञानिक हैरान हैं कि इस प्रकार का मौसम इस क्षेत्र में दुर्लभ है।
नेशनल वेदर सर्विस के मौसम विज्ञानी एड प्लंब के मुताबिक यह एक अलग तरह की प्राकृतिक प्रक्रिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आर्कटिक महासागर में आमतौर पर इतनी बर्फ होती है कि यह गर्म वातावरण नहीं बनाता है और इतने बड़े पैमाने पर भी बारिश और बिजली का मौसम नहीं बनाता है।
उनका मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण आर्कटिक क्षेत्र भी गर्म हो रहा है। यहां तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। 2010 के बाद से क्षेत्र में बिजली गिरने की संख्या तीन गुना हो गई है।
एक अन्य वैज्ञानिक, रॉबर्ट होल्ज़वर्थ का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली साइबेरिया और आर्कटिक तट के साथ रूस के अन्य हिस्सों में जंगल की आग का कारण बनती है। इसका सीधा संबंध पृथ्वी के बढ़ते तापमान से है। जितनी अधिक बर्फ पिघलती है, उतने ही अधिक भूसे बनते हैं और उतने ही अधिक तूफान आते हैं।
कोलोराडो स्थित नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक रिसर्च के शोध के अनुसार, अलास्का में आंधी की गतिविधि बढ़ गई है और सदी के अंत तक, अलास्का में गरज और बिजली गिरने की घटना तीन गुना हो जाएगी।
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