
वाशिंगटन, ता. 10
ईरान की राज्य समाचार एजेंसी ने कहा कि देश भर में सरकारी प्रणालियों पर साइबर हमले ने कई वेबसाइटों को बंद कर दिया है। रेलवे डिस्प्ले बोर्ड में ट्रेनें लेट होने की झूठी सूचना फैलाकर हैकर्स ने भारी हंगामा किया।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकारी तंत्र पर एक शक्तिशाली साइबर हमला हुआ है। इसने कई सरकारी वेबसाइटों को बंद कर दिया। खासतौर पर शहरी मामलों के मंत्रालय और परिवहन मंत्रालय को निशाना बनाया गया। कर्मचारियों के सभी कंप्यूटर सिस्टम सेवा से बाहर थे।
दूरसंचार मंत्री मोहम्मद जावेद अजारी ने कहा कि रैंसमवेयर हमला हो सकता है। दूरसंचार मंत्री ने कहा कि इससे पहले 2012 में भी इसी तरह का हमला हुआ था। साइबर हमले को किसने अंजाम दिया, इस पर सरकार ने आधिकारिक घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है।
इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े रैंसमवेयर की जांच कर रहा है। एफबीआई ने पाया है कि दुनिया का सबसे बड़ा रैंसमवेयर हमला रूसी हैकर्स द्वारा किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तब इस मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बाइडेन से इस बारे में पूछा गया। उन्होंने हाँ कहा। मैंने पुतिन से बात की। हमने हैकर्स के मुद्दे पर चर्चा की। मैंने उन्हें स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका सबूत दे सकता है। रूसी सरकार हैकर्स पर नकेल कस रही है। पुतिन ने हैकर्स पर नकेल कसने के लिए अपनी तत्परता का संकेत दिया है।
बाइडेन ने कहा, "हम ऐसी घटनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने और कुछ अनुचित होने पर कोई रास्ता निकालने के लिए बातचीत कर रहे हैं।" अमेरिका ने रूस से पर्याप्त सबूत देने को कहा है और रूस ने कार्रवाई के लिए तैयार होने का संकेत दिया है।
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