
काबुल, ता. रविवार 29 अगस्त 2021
अफगानिस्तान के कुल 34 प्रांतों में से, पंजशीर एकमात्र प्रांत है जो अभी भी तालिबान आतंकवादियों के नियंत्रण से बाहर है। वहां अभी भी देशभक्त अफगानों का राज चल रहा है, तालिबान का नहीं। लेकिन उत्तेजित तालिबान ने पंजशीर प्रांत में शुक्रवार से इंटरनेट, कॉल और मैसेजिंग सेवाएं बंद कर दी हैं।
पंजशीर तालिबान के खिलाफ अफगान प्रतिरोध का गढ़ है, जिस पर वर्तमान में शेर-ए-पंजशीर के बेटे अहमद मसूद जूनियर का शासन है। पंजशीर वर्तमान में तालिबान से लड़ने वाले कुछ सबसे बड़े पूर्व सैन्य कमांडरों का घर है, जिन्होंने देश नहीं छोड़ा है। इसमें अफगानिस्तान के कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह, बिस्मिल्लाह खान मोहम्मदी, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये लोग अफगानिस्तान को इस आतंक की चपेट से मुक्त कराने की योजना बना रहे हैं।
कब्जा करने के सभी प्रयास विफल
तालिबान ने पहले 23 अगस्त को सीमा पर कब्जा करने के लिए 3,000 तालिबान लड़ाकों को पंजशीर भेजा था, लेकिन बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण, तालिबान लड़ाकों ने अभी तक पंजशीर पर हमला नहीं किया है, लेकिन दावा किया है कि तालिबान शांतिपूर्ण साधनों और बातचीत के माध्यम से पंजशीर पर कब्जा करना चाहता है। अब आशंका है कि तालिबान पंजशीर पर कब्जा करने के लिए हिंसा का सहारा ले सकता है।
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