
नई दिल्ली, दिनांक 20 अगस्त 2021, शुक्रवार
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमीरों की संपत्ति को गरीबों में बांटने की योजना बनाई है।
जिनपिंग अवैध कमाई पर अंकुश लगाने के साथ-साथ कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि और मध्यम वर्ग का विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इसके लिए एक प्रणाली बनाएगी।जिनपिंग ने कहा कि अमीरों की आय को ठीक से नियंत्रित करना और उन्हें समाज में अधिक योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है। हालांकि इससे अमीरों पर बोझ बढ़ेगा, लेकिन सरकार उन्हें टैक्स में राहत और अन्य विकल्प देने पर विचार करेगी।
एक रिपोर्ट के अनुसार चीन में सबसे अमीर 1% लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का 31% हिस्सा है।यह आंकड़ा पहले 21% था लेकिन दो दशकों में बढ़ गया है। इसमें भी कोरोना ने सबसे ज्यादा छोटे व्यापारियों और कामगारों को प्रभावित किया है, जिससे अमीर-गरीब के बीच की खाई चौड़ी हो रही है।
2019 के बाद से चीन में अरबपतियों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं जिनपिंग के लिए एक चुनौती यह है कि निवेशकों ने फरवरी से अब तक चीनी कंपनियों से 1 ट्रिलियन रुपये की निकासी की है। वहीं शहरों में आम आदमी की आमदनी में महज एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकास के लिए सामाजिक खर्च बढ़ाने की जरूरत है। चीनी सरकार ने चैरिटी स्थापित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
सबसे बड़ा बदलाव लंबे समय से लंबित संपत्ति कर लगाने से लागू होने की संभावना है।
चीन में संपत्ति की कीमतें बहुत अधिक हैं और इसने अमीर और गरीब के बीच की खाई को चौड़ा किया है। इन कीमतों पर काबू पाने के लिए जिनपिंग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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