अफगानिस्तान: पुजारी राजेश मंदिर छोड़ने के बजाय तालिबान के हाथों मरने को तैयार


- बहुत सारे हिंदुओं ने भी उन्हें भारत आने में मदद करने की पेशकश की है

नई दिल्ली तिथि। बुधवार, 18 अगस्त, 2021

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में कट्टर इस्लामी शासन की घोषणा के बाद जहां स्थानीय लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं, वहीं एक भारतीय पुजारी ने संकट के दौरान भी अपना मंदिर छोड़ने से इनकार कर दिया है।

काबुल में अंतिम भारतीय पुजारी ने घर लौटने से किया इनकार

काबुल में रतन नाथ मंदिर के पुजारी पंडित राजेश कुमार ने कहा कि वह भगवान को छोड़ने के बजाय तालिबान के हाथों मरना पसंद करेंगे। पंडित राजेश कुमार के इस बयान को सोशल मीडिया पर एक ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया।

इसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत आने के लिए कई हिंदुओं से मदद की पेशकश की थी। साथ ही उन्होंने कहा, मैं अपने पूर्वजों के इस मंदिर को नहीं छोड़ूंगा, मेरे बुजुर्गों ने कई वर्षों तक इसमें भगवान की सेवा की है। मैं मंदिर नहीं छोड़ूंगा। अगर तालिबान ने मुझे मार डाला तो मैं इसे अपनी (भगवान की) सेवा मानूंगा।

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